Showing posts with label हिन्दी शायरी. Show all posts
Showing posts with label हिन्दी शायरी. Show all posts
Wednesday, 29 May 2013
ज़िन्दगी शायरी
ज़िन्दगी शायरी
दरिया में अपनी कबर बनाने चला गया,
सूरज को डूबने से बचाने चला गया,
खुव्हाइश तो सबसे आगे निकलने की थी मगर,
जो गिर गऐ थे उनको उठाने चना गया,
अपनो की चाहतो में मिलावट थी इस कदर,
तंग आ के दुशमनो को मनाने चला गया.
दरिया में अपनी कबर बनाने चला गया,
सूरज को डूबने से बचाने चला गया,
खुव्हाइश तो सबसे आगे निकलने की थी मगर,
जो गिर गऐ थे उनको उठाने चना गया,
अपनो की चाहतो में मिलावट थी इस कदर,
तंग आ के दुशमनो को मनाने चला गया.
सुपरहिट शायरी हिन्दी मे
हिन्दी शायरी
सफर में मुश्किलें आऐ, तो हिम्मत और बढ़ती है,
कोई अगर रास्ता रोके, तो जुर्रत और बढ़ती है,
अगर बिकने पे आ जाओ, तो घट जाते है दाम अक्सर
ना बिकने का इरादा हो तो, कीमत और बढ़ती है।
सफर में मुश्किलें आऐ, तो हिम्मत और बढ़ती है,
कोई अगर रास्ता रोके, तो जुर्रत और बढ़ती है,
अगर बिकने पे आ जाओ, तो घट जाते है दाम अक्सर
ना बिकने का इरादा हो तो, कीमत और बढ़ती है।
Subscribe to:
Posts (Atom)



